Summarize this Article with:

अजीब देश की यात्रा – अलीफ लैला की कहानी
बहुत समय पहले की बात है, बगदाद शहर में हसन नाम का एक युवा व्यापारी रहता था। वह बहुत ही साहसी और जिज्ञासु प्रकृति का था। एक दिन बाज़ार में उसकी मुलाकात एक रहस्यमय बूढ़े व्यक्ति से हुई।
बूढ़े व्यक्ति ने हसन से कहा, “हे युवक! क्या तुम में साहस है कि तुम अजीब देश की यात्रा पर जा सको? वहाँ विचित्र जगह और अनोखे लोग रहते हैं।”
हसन ने उत्सुकता से पूछा, “कैसा है वह अजीब देश? मैं अवश्य जाना चाहूँगा।”
बूढ़े व्यक्ति ने एक चमकदार पत्थर निकाला और बोला, “यह जादुई पत्थर तुम्हें उस विचित्र जगह पहुँचा देगा। परंतु सावधान रहना, वहाँ के अनोखे लोग तुम्हारी परीक्षा लेंगे।”
हसन ने पत्थर को हाथ में लेते ही अपने आप को एक अद्भुत स्थान पर पाया। वहाँ के पेड़ों पर सुनहरे फल लगे थे और नदियाँ दूध की तरह सफेद थीं। आकाश में तारे दिन में भी चमक रहे थे।
अचानक उसके सामने एक परी प्रकट हुई। परी ने कहा, “स्वागत है हसन! मैं इस अजीब देश की रानी हूँ। यहाँ आने वाले हर व्यक्ति को तीन परीक्षाएँ देनी होती हैं।”
पहली परीक्षा में हसन को एक बोलने वाले पेड़ से मिलना था। पेड़ ने पूछा, “बताओ, सबसे बड़ा धन क्या है?” हसन ने सोचकर उत्तर दिया, “ज्ञान और अच्छे कर्म।” पेड़ खुश हो गया।
दूसरी परीक्षा में एक जादुई झील के किनारे अनोखे लोग रहते थे जो उल्टी भाषा बोलते थे। हसन ने धैर्य से उनकी भाषा समझी और उनकी मदद की। वे सभी प्रसन्न हो गए।
तीसरी और अंतिम परीक्षा सबसे कठिन थी। हसन को एक अंधेरी गुफा में जाना था जहाँ एक दानव रहता था। दानव ने कहा, “मैं तुम्हें सोने-चाँदी से भर दूँगा, बस तुम्हें यहीं रह जाना होगा।”
हसन ने मना कर दिया और कहा, “धन से बड़ा है अपना घर और परिवार का प्यार।” दानव हसन की सच्चाई देखकर प्रभावित हो गया और उसे आशीर्वाद दिया।
परी रानी प्रकट हुई और बोली, “हसन! तुमने सभी परीक्षाएँ पास कर लीं। तुम्हारी साहसिक यात्रा सफल रही। अब तुम्हें एक वरदान मिलेगा।”
हसन ने कहा, “मुझे केवल अपने घर वापस जाना है और यह ज्ञान चाहिए कि मैं दूसरों की मदद कैसे कर सकूँ।”
परी रानी मुस्कराई और हसन को एक जादुई किताब दी। “यह किताब तुम्हें हमेशा सही राह दिखाएगी।”
जादुई पत्थर की मदद से हसन वापस बगदाद पहुँच गया। उसने अपनी इस अजीब देश की यात्रा से जो ज्ञान पाया था, उसका उपयोग करके अपने शहर के लोगों की मदद की।
हसन एक महान व्यापारी बना और हमेशा गरीबों की सहायता करता रहा। उसकी विचित्र जगह की यात्रा ने उसे सिखाया कि सच्चा धन दया, ज्ञान और अच्छे कर्मों में है. इस प्रकार हसन की साहसिक यात्रा समाप्त हुई, परंतु उसके द्वारा सीखे गए जीवन के मूल्य हमेशा के लिए उसके साथ रह गए।











