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संस्कृत में का पर्यायवाची शब्द
संस्कृत में शब्द के कई पर्यायवाची (Synonyms in Hindi) हैं। अगर हम हिंदी भाषा पर पकड़ बनाना चाहते हैं तो हमें उनके बारे में पता होना चाहिए, और हमें ये भी समझना पड़ेगा कि उन शब्दों को हमें कहाँ-कहाँ उपयोग करना चाहिए। इसलिए आज हम ‘संस्कृत में’ शब्द के सारे पर्यायवाची शब्दों के बारे में जानेंगे और ये भी समझेंगे कि उन्हें हमें कहाँ-कहाँ उपयोग करना चाहिए।
संस्कृत में का पर्यायवाची शब्द
- संस्कृतक
- संपूर्ण
- कौटिल्य
- प्राचीन
- शास्त्र
- वेद
- आचार
- उपदेश
- सूत्र
- दर्शन
- साहित्य
पर्यायवाची शब्द (paryayvachi) का अर्थ
पर्यायवाची शब्द (paryayvachi) का अर्थ होता है समानार्थक शब्द, अर्थात ऐसे शब्द जिनका उच्चारण अलग-अलग होता है लेकिन उन सबका अर्थ एक ही होता है। हमें एक बात ध्यान रखनी है कि हम सारे समानार्थक शब्द या कहें सारे पर्यायवाची शब्द (Hindi paryayvachi) को हर जगह उपयोग नहीं कर सकते, क्योंकि इन सारे शब्दों का मतलब उपयोग के हिसाब से थोड़े-थोड़े भिन्न हो सकते हैं, जिसे हम उदाहरणों के साथ समझेंगे।
संस्कृत में के कुछ प्रमुख पर्यायवाची शब्द
यदि आप ‘संस्कृत में’ के इतने पर्यायवाची शब्द भी याद रख सकते हैं तो भी आप हिंदी भाषा को अच्छे से समझ सकते हैं, और यह आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में भी काफी मदद करेगा।
- संस्कृतक
- संपूर्ण
- कौटिल्य
- प्राचीन
- शास्त्र
- वेद
- आचार
- उपदेश
- सूत्र
- दर्शन
उदाहरण द्वारा समझना
अब हम ‘संस्कृत में’ और उसके पर्यायवाची शब्दों का उपयोग उदाहरणों द्वारा समझाएंगे, जिससे आपको इनका सही से उपयोग करना समझ में आ जाएगा।
संस्कृत में का वाक्य प्रयोग:
संस्कृत में एक अद्भुत भाषा है जो आज भी हमारे समाज में महत्वपूर्ण है।
संस्कृतक का वाक्य प्रयोग:
संस्कृतक साहित्य भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
प्राचीन का वाक्य प्रयोग:
प्राचीन ग्रंथों में संस्कृत में अनेक ज्ञान की बातें लिखी हुई हैं।
निष्कर्ष
उम्मीद है आपको ‘संस्कृत में’ का पर्यायवाची शब्द और उसका उपयोग अच्छे से समझ में आ गया होगा। अगर आपके कोई सवाल हों तो आप उन्हें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। और ऐसे ही और ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट को बुकमार्क कर लें, और हो सके तो ये ज्ञान आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ सोशल मीडिया पर भी साझा करें।











