
बेवकूफ बन्दर | Bevkoof Bandar ki kahani
बेवकूफ बन्दर | Bevkoof Bandar ki kahani बहुत समय पहले एक दूर जगह पर गोलू और भोलू नाम के दो बंदर रहते थे। दोनों अपने आप को बहुत बुद्धिमान समझते थे और अपनी बुद्धि पर बहुत गर्व करते थे। एक दिन वे कहीं जा रहे थे कि उन्होंने एक कुआं देखा। उन्होंने अंदर झाँका तो देखा कि एक मगरमच्छ कुएँ में गिर गया है। गोलू ने कहा, “वह संकट में होगा; हमें उसे बचाना चाहिए।” भोलू ने यह भी कहा, “एक निर्दोष प्राणी कुएं में गिर गया है; हमें तुरंत उसकी मदद करनी चाहिए।” लेकिन मुझे समझ में नहीं आता कि वह कुएं में कैसे गिर गया। गोलू ने जवाब दिया, “वह गलती से गिर गया होगा।” अब हमें उसे बचाने का कोई उपाय सोचना चाहिए। ऐसे में गोलू और भोलू उसे बचाने का उपाय सोचने लगे। तभी गोलू के मन में यह विचार आया कि वे लकड़ी का एक





















