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एकता में शक्ति – चींटियों की अद्भुत जीत
एक घने जंगल में एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे चींटियों का एक छोटा सा घर था। इस घर में रानी चींटी सुमित्रा के साथ सैकड़ों मेहनती चींटियां रहती थीं। वे सभी मिलकर अपना काम करती थीं और एकता में शक्ति के सिद्धांत को मानती थीं।
एक दिन जंगल में एक बड़ा हाथी गजराज आया। वह बहुत अहंकारी था और अपनी शक्ति पर बहुत घमंड करता था। उसने चींटियों के घर को देखकर कहा, “अरे छोटी चींटियों! तुम इतनी छोटी हो कि मैं एक पैर से तुम्हारे पूरे घर को कुचल सकता हूं।”
रानी चींटी सुमित्रा ने विनम्रता से कहा, “हे गजराज! हम छोटे जरूर हैं, लेकिन हमारी एकता में बड़ी शक्ति है। कृपया हमारे घर को नुकसान न पहुंचाएं।”
गजराज हंसते हुए बोला, “एकता में शक्ति? तुम्हारी एकता मेरे सामने कुछ भी नहीं है!” और उसने अपना पैर उठाकर चींटियों के घर को कुचलने की कोशिश की।
तभी रानी चींटी ने अपनी सभी साथी चींटियों को आवाज लगाई। “साथियों! आज हमें दिखाना होगा कि एकता में शक्ति कितनी महान होती है।”
सैकड़ों चींटियां एक साथ निकलीं और अपनी योजना के अनुसार काम करने लगीं। कुछ चींटियां गजराज के पैरों पर चढ़ गईं, कुछ उसकी सूंड में घुस गईं, और बाकी उसके कानों में जाकर काटने लगीं।
गजराज परेशान होकर चिल्लाने लगा, “अरे! ये क्या हो रहा है? मुझे छोड़ दो!” वह अपने पैर हिलाने लगा, सूंड से चींटियों को निकालने की कोशिश करने लगा, लेकिन चींटियों की एकता के आगे उसकी एक न चली।
चींटियों ने मिलकर उसे इतना परेशान किया कि वह दर्द से तड़पने लगा। आखिरकार गजराज ने हार मानते हुए कहा, “माफ करो छोटी चींटियों! मैंने तुम्हारी एकता की शक्ति को कम समझा था। अब मैं समझ गया हूं कि आकार से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण एकता होती है।”
रानी चींटी ने दयालुता दिखाते हुए अपनी साथी चींटियों को वापस बुला लिया। गजराज ने झुककर चींटियों से माफी मांगी और कहा, “आज से मैं कभी भी किसी छोटे जीव को कमजोर नहीं समझूंगा।”
उस दिन के बाद गजराज और चींटियों में अच्छी मित्रता हो गई। गजराज अक्सर चींटियों के घर आता और उनकी मेहनत की प्रशंसा करता।
नैतिक शिक्षा: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि एकता में शक्ति होती है। जब हम सभी मिलकर काम करते हैं, तो छोटे से छोटा व्यक्ति भी बड़े से बड़े काम को पूरा कर सकता है। अकेला व्यक्ति चाहे कितना भी बलवान हो, लेकिन एकजुट समुदाय की शक्ति के आगे उसकी एक नहीं चलती। हमें हमेशा मिलजुलकर रहना चाहिए और एक-दूसरे का साथ देना चाहिए।
सामाजिक एकता और सफलता की कहानी में भी इसी तरह के संदेश मिलते हैं।










