Summarize this Article with:

मोती की खान और बहादुर गोताखोर अली

बहुत समय पहले की बात है, जब बगदाद शहर में एक गरीब समुद्री गोताखोर अली रहता था। वह रोज समुद्र में गोता लगाकर छोटे-मोटे सीप और मछलियाँ पकड़कर अपना गुजारा करता था। उसकी बूढ़ी माँ बीमार थी और उसके इलाज के लिए बहुत पैसों की जरूरत थी।

एक दिन समुद्र के किनारे बैठे-बैठे अली ने एक अजीब आवाज सुनी। “अली… अली…” आवाज समुद्र की गहराई से आ रही थी। डरते-डरते उसने समुद्र की तरफ देखा तो एक चमकदार मछली पानी से बाहर निकली।

“डरो मत अली,” मछली ने कहा, “मैं समुद्र की रानी हूँ। तुम्हारी माँ की बीमारी के बारे में मुझे पता है। मैं तुम्हारी मदद करना चाहती हूँ।”

अली हैरान रह गया। समुद्र की रानी ने आगे कहा, “समुद्र की सबसे गहराई में एक गुप्त मोती की खान है। वहाँ दुनिया के सबसे कीमती मोती छुपे हैं। लेकिन यह खतरनाक यात्रा है।”

रानी ने समझाया कि मोती की खान तक पहुँचने के लिए तीन परीक्षाओं से गुजरना होगा। पहली परीक्षा में विशाल ऑक्टोपस से लड़ना होगा, दूसरी में भंवर से बचकर निकलना होगा, और तीसरी में खान के रक्षक दैत्य को हराना होगा।

अली ने हिम्मत जुटाई और कहा, “माँ के लिए मैं कोई भी खतरा उठाने को तैयार हूँ।”

समुद्र की रानी ने उसे एक जादुई सीप दिया जो पानी के अंदर सांस लेने में मदद करती थी। अली ने गहरी सांस ली और समुद्र में कूद गया।

पहली परीक्षा में विशाल ऑक्टोपस ने अपने आठ हाथों से अली को पकड़ने की कोशिश की। लेकिन अली चतुर था। उसने ऑक्टोपस की आँखों में रेत फेंकी और उसके हाथों से बचकर निकल गया।

दूसरी परीक्षा में एक भयानक भंवर था जो सब कुछ अपने अंदर खींच रहा था। अली ने धैर्य रखा और भंवर के किनारे-किनारे तैरकर सुरक्षित निकल गया।

तीसरी परीक्षा सबसे कठिन थी। मोती की खान के द्वार पर एक विशाल दैत्य खड़ा था। उसकी आँखें आग की तरह जल रही थीं। “कौन है जो मेरी मोती की खान में घुसने की हिम्मत कर रहा है?” दैत्य ने गरजकर पूछा।

अली ने डरते हुए कहा, “मैं अली हूँ। मेरी माँ बीमार है और मुझे कीमती मोती चाहिए उसके इलाज के लिए।”

दैत्य ने कहा, “अगर तुम सच्चे दिल से माँ के लिए आए हो, तो मैं तुम्हें एक मौका देता हूँ। तुम्हें तीन पहेलियाँ सुलझानी होंगी।”

पहली पहेली थी: “वह क्या है जो दिन में सोता है और रात में जगता है?” अली ने तुरंत जवाब दिया, “तारे!”

दूसरी पहेली: “वह क्या है जो बिना पैरों के चलता है?” अली ने कहा, “नदी!”

तीसरी पहेली: “वह क्या है जो देता है लेकिन कभी लेता नहीं?” अली ने मुस्कराकर कहा, “माँ का प्यार!”

दैत्य खुश हो गया और बोला, “तुम सच्चे हो अली। मोती की खान तुम्हारी है।”

खान के अंदर हजारों चमकदार कीमती मोती बिखरे पड़े थे। अली ने सिर्फ उतने मोती लिए जितने की जरूरत थी। लालच नहीं किया।

जब अली वापस समुद्र की सतह पर आया तो समुद्र की रानी उसका इंतजार कर रही थी। “तुमने बहुत अच्छा काम किया अली। तुम्हारी ईमानदारी और माँ के प्रति प्रेम ने तुम्हें सफल बनाया।”

अली ने कीमती मोती बेचकर अपनी माँ का इलाज कराया। माँ जल्दी ठीक हो गई। उसके बाद अली ने कभी लालच नहीं किया और हमेशा जरूरतमंदों की मदद करता रहा।

समुद्र की रानी ने अली को आशीर्वाद दिया कि वह हमेशा खुश रहे और उसके पास कभी पैसों की कमी न हो। अली ने सीखा कि सच्चा प्रेम और ईमानदारी से किया गया काम हमेशा फल देता है।

सीख: माँ के लिए किया गया त्याग और ईमानदारी हमेशा सफलता दिलाती है। लालच कभी अच्छा फल नहीं देता।

अधिक प्रेरणादायक कहानियों के लिए समझदार बंदर की कहानी पढ़ें।

यदि आप और भी मजेदार कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं, तो नीले गीदड़ की कहानी देखें।

और अगर आप बच्चों के लिए शिक्षाप्रद कहानियाँ खोज रहे हैं, तो दो सिर वाले बच्चे की कहानी पढ़ें।

Summarize this Article with:

About Me

Welcome to StoriesPub.com We started in 2019 with a simple idea to provide our readers with useful and interesting information. Our team is dedicated to curating a wide range of captivating content in different categories, including inspirational stories, funny tales, Parenting, Kids’ products, Educational AI content, Tech content, coloring books, how to draw, and more.