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राजा और तीन प्रश्न – बुद्धिमान बंदर की कहानी
बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में शेर राजा का राज्य था। शेर राजा बहुत न्यायप्रिय और बुद्धिमान था, लेकिन वह हमेशा यह सोचता रहता था कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण क्या है।
एक दिन राजा और तीन प्रश्न के बारे में सोचते हुए, शेर राजा ने अपने मंत्री हाथी से कहा, “मैं तीन प्रश्नों के उत्तर जानना चाहता हूँ। पहला – सबसे महत्वपूर्ण समय कौन सा है? दूसरा – सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति कौन है? और तीसरा – सबसे महत्वपूर्ण काम क्या है?”
हाथी मंत्री ने कहा, “महाराज, ये बहुत कठिन प्रश्न हैं। क्यों न हम जंगल के सभी बुद्धिमान जानवरों से पूछें?”
अगले दिन राजा ने दरबार लगाया। सबसे पहले चतुर लोमड़ी आई और बोली, “महाराज, सबसे महत्वपूर्ण समय भविष्य है, सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति आपके सलाहकार हैं, और सबसे महत्वपूर्ण काम योजना बनाना है।”
फिर बुद्धिमान उल्लू आया और कहा, “राजन्, सबसे महत्वपूर्ण समय अतीत है क्योंकि उससे हम सीखते हैं, सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हमारे गुरु हैं, और सबसे महत्वपूर्ण काम अध्ययन है।”
तभी एक छोटा बंदर आया। वह बहुत सादा दिखता था, लेकिन उसकी आँखों में अनुभव की चमक थी। राजा ने पूछा, “तुम्हारे पास राजा और तीन प्रश्न के क्या उत्तर हैं?”
बंदर ने विनम्रता से कहा, “महाराज, मैं सिर्फ एक छोटा बंदर हूँ, लेकिन जीवन ने मुझे सिखाया है कि सबसे महत्वपूर्ण समय ‘अभी’ है – यह वर्तमान क्षण। सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति वह है जो इस समय आपके सामने है। और सबसे महत्वपूर्ण काम है उस व्यक्ति की मदद करना।”
राजा को यह उत्तर समझ नहीं आया। उसने कहा, “यह कैसे संभव है? क्या तुम इसे समझा सकते हो?”
बंदर ने कहा, “महाराज, कल एक छोटी चिड़िया का बच्चा पेड़ से गिर गया था। मैं उसे वापस घोंसले में पहुँचा सकता था, लेकिन मैंने सोचा कि कल कर दूंगा। आज सुबह जब मैं गया तो वह मर चुका था। अगर मैंने ‘अभी’ उसकी मदद की होती, तो वह जीवित होता।”
राजा के मन में बात बैठ गई। तभी एक घायल खरगोश दरबार में आया। वह बहुत परेशान था और मदद माँग रहा था। राजा और तीन प्रश्न के उत्तर को समझते हुए, शेर राजा तुरंत उठा और खरगोश की मदद की।
खरगोश ने बताया कि शिकारी उसका पीछा कर रहे थे। राजा ने तुरंत अपने सैनिकों को भेजा और खरगोश को सुरक्षित स्थान पहुँचाया। खरगोश बहुत खुश हुआ और राजा को धन्यवाद दिया।
उस दिन के बाद से राजा ने समझ लिया कि बंदर का उत्तर सही था। वह हमेशा वर्तमान में जीने लगा, जो भी व्यक्ति उसके सामने आता, उसकी मदद करता, और यही उसका सबसे महत्वपूर्ण काम बन गया।
राजा ने बंदर को अपना विशेष सलाहकार बनाया और कहा, “तुमने मुझे जीवन का सबसे बड़ा सत्य सिखाया है।”
नैतिक शिक्षा: जीवन में सबसे महत्वपूर्ण समय वर्तमान है, सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति वह है जो अभी आपके सामने है, और सबसे महत्वपूर्ण काम है उसकी मदद करना। अतीत में मत जीओ, भविष्य की चिंता मत करो, बल्कि वर्तमान में जीकर दूसरों की सेवा करो।
आप सामाजिक बंदर की कहानी में भी देख सकते हैं कि कैसे एक बंदर ने अपनी बुद्धिमानी से सभी को प्रभावित किया।
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