Summarize this Article with:

बीरबल और महान पुस्तक की खोज
बादशाह अकबर के दरबार में एक दिन एक विद्वान पंडित आया। उसके हाथ में एक सुंदर पुस्तक थी जिस पर सुनहरे अक्षरों में लिखा था – “महान पुस्तक”।
पंडित जी ने अकबर से कहा, “जहांपनाह, यह महान पुस्तक संसार की सबसे बुद्धिमानी वाली पुस्तक है। जो भी इसे पढ़ता है, वह तुरंत ज्ञानी बन जाता है।”
अकबर बहुत प्रभावित हुए और बोले, “वाह! यदि यह सच है तो हमें यह महान पुस्तक अवश्य चाहिए। आप इसकी क्या कीमत मांगते हैं?”
पंडित ने कहा, “महाराज, यह अमूल्य है। केवल एक हजार स्वर्ण मुद्राएं।”
बीरबल चुपचाप सब सुन रहा था। उसे कुछ संदेह हुआ। वह आगे बढ़ा और विनम्रता से बोला, “महाराज, क्या मैं इस महान पुस्तक को देख सकता हूं?”
पंडित थोड़ा घबराया लेकिन पुस्तक बीरबल को दे दी। बीरबल ने पुस्तक खोली तो देखा कि सभी पन्ने बिल्कुल खाली थे। केवल पहले पन्ने पर लिखा था – “सच्चा ज्ञान केवल अनुभव से आता है, पुस्तकों से नहीं।”
बीरबल मुस्कराया और बोला, “पंडित जी, यह वास्तव में एक महान पुस्तक है।”
अकबर हैरान हुए, “बीरबल, इसमें तो कुछ भी नहीं लिखा है।”
बीरबल ने कहा, “जहांपनाह, यही तो इस महान पुस्तक की महानता है। यह हमें सिखाती है कि खाली दिमाग वाला व्यक्ति ही दूसरों को मूर्ख बनाने की कोशिश करता है।”
फिर बीरबल ने पंडित की ओर देखा और कहा, “आपने सही कहा था कि यह महान पुस्तक है। इसने हमें सिखाया कि बिना सोचे-समझे किसी भी चीज पर विश्वास नहीं करना चाहिए।”
पंडित का चेहरा लाल हो गया। वह समझ गया कि उसकी चालाकी पकड़ी गई है। उसने माफी मांगी और कहा, “मुझे क्षमा करें महाराज। मैं लालच में आकर गलत काम कर रहा था।”
अकबर ने कहा, “हम तुम्हें माफ करते हैं, लेकिन आगे से ऐसा न करना।”
बीरबल ने पंडित से कहा, “यदि आप वास्तव में लोगों की मदद करना चाहते हैं तो सच्चा ज्ञान बांटिए, झूठे वादे नहीं।”
पंडित ने सिर झुकाया और प्रण लिया कि वह आगे से केवल सच्चा ज्ञान ही बांटेगा।
अकबर ने बीरबल की प्रशंसा करते हुए कहा, “बीरबल, तुमने आज हमें एक महत्वपूर्ण सबक सिखाया है।”
बीरबल ने हाथ जोड़कर कहा, “जहांपनाह, यही तो इस महान पुस्तक का असली संदेश था – सच्चा ज्ञान अनुभव और बुद्धि से आता है, न कि केवल पुस्तकों से।”
सीख: हमें किसी भी बात पर आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। पहले सोचना-समझना चाहिए, फिर निर्णय लेना चाहिए। सच्चा ज्ञान वही है जो हमारे काम आए और दूसरों की भलाई करे।
यदि आप और भी ज्ञानवर्धक कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं, तो समझदार बंदर की कहानी और नीला गिलहरी की कहानी ज़रूर पढ़ें।









