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जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि मुहावरे का अर्थ
यह मुहावरा यह दर्शाता है कि कवि की कल्पना और विचारधारा ऐसी होती है जो सामान्य व्यक्ति की पहुँच से परे होती है। इसका अर्थ है कि कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से उन विचारों और भावनाओं को व्यक्त कर सकता है जो अन्य लोग नहीं कर पाते। यह मुहावरा यह भी बताता है कि कवि की दृष्टि और संवेदनशीलता उसे उन स्थानों तक पहुँचाती है जहाँ सामान्य व्यक्ति नहीं पहुँच पाता।
जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि मुहावरे का अर्थ
- कवि की कल्पना शक्ति अद्वितीय होती है।
- कवि समाज की गहराइयों को समझता है।
- कवि की रचनाएँ आम जीवन से परे होती हैं।
- कवि की दृष्टि में गहराई और संवेदनशीलता होती है।
जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि मुहावरे का अर्थ in English
- The poet’s imagination is unique.
- The poet understands the depths of society.
- The poet’s creations are beyond ordinary life.
- The poet has depth and sensitivity in his vision.
जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि Idioms Meaning in English
Where the poet reaches, where Ravi cannot reach.
जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि मुहावरे का वाक्य प्रयोग
वाक्य प्रयोग – जब भी मैं अपने विचारों को व्यक्त करता हूँ, मुझे लगता है कि जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि।
वाक्य प्रयोग – कवि की रचनाएँ हमेशा मुझे यह एहसास कराती हैं कि जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि।
वाक्य प्रयोग – इस कविता में कवि ने ऐसे भावनाओं को व्यक्त किया है जो सच में जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि का उदाहरण है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, “जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि” मुहावरा हमें यह सिखाता है कि कवि की दृष्टि और उसकी रचनाएँ समाज के गहरे पहलुओं को उजागर करती हैं। आप इस मुहावरे का प्रयोग अपने वाक्यों में कर सकते हैं ताकि आपकी भाषा और भी अधिक प्रभावशाली लगे।











