Bakri-ke-saahas-ki-panchatantra-kahani

एक समय की बात है, एक घने जंगल में बकरियों का एक झुंड रहता था। उनकी एक साथी, भूरी नाम की बकरी, जोकि बहुत ही बहादुर और साहसी थी। भूरी को जंगल के नए-नए कोने खोजने का बहुत शौक था। लेकिन जंगल में एक खूनी भेड़िया भी रहता था, जिससे सभी बकरियाँ बहुत डरती थीं।

एक दिन, भूरी ने अपनी साथियों को पहाड़ी के उस पार नई घास के मैदान की सैर करने के लिए मना लिया। अन्य बकरियाँ, भूरी की बहादुरी और साहस से बहुत प्रभावित थी और उससे प्रेरित होकर, उसके साथ चल दीं। लेकिन उनके लिए यह सैर खतरे से भरी हुई थी। भेड़िया, जो उस पहाड़ी के आस-पास ही रहता था, उन पर नजर रखे हुए था।

जैसे ही बकरियाँ पहाड़ी पार कर नई घास के मैदान में पहुँचीं, भेड़िये ने उन पर हमला कर दिया। अफरा-तफरी में भूरी की एक साथी बकरी को भेड़िये ने पकड़ लिया और उसे खा गया। इस घटना ने सभी बकरियों को गहरे शोक में डुबो दिया। वे भूरी को इस दुखद घटना के लिए दोषी ठहराने लगीं।

भूरी, गहरे पछतावे और दुःख में डूबी, अपनी साथी की मौत का बदला लेने की ठान लेती है। उसने फैसला किया कि वह अकेले ही भेड़िए का सामना करेगी। दूसरे दिन, जब सभी बकरियाँ जंगल में घास चर रही थीं, भूरी ने पहाड़ी की ओर अपने कदम बढ़ाए।

रास्ते में एक बुद्धिमान बकरी ने उसे रोका और पूछा, “भूरी, तुम पहाड़ी की ओर क्यों जा रही हो? वहां भेड़िया है।” भूरी ने जवाब दिया, “मैं उसे अपने नुकीले सींगों से सबक सिखाने जा रही हूँ।”

जब भूरी पहाड़ी पर पहुँची, उसने भेड़िये को ललकारा। भेड़िया, जो अपनी गुफा में था, बाहर आया और भूरी पर हमला कर दिया। लेकिन भूरी ने डट कर उसका सामना किया। उसने अपने तेज सींगों से भेड़िये के पेट में घाव कर दिया। भेड़िया, खून से लथपथ हो गया था, लेकिन फिर भी वो उठा और भूरी पर फिर से हमला कर दिया। इस लड़ाई में भूरी भी बहुत घायल हो गयी थी।

आखिर एक कठिन संघर्ष के बाद, भूरी ने अपनी सम्पूर्ण शक्ति के साथ भेड़िये पर एक ऐसा घातक वार किया कि वह मर गया। भूरी घायल अवस्था में वापस अपने साथियों के पास लौटी। उसकी साहसिक कहानी सुनकर, सभी बकरियाँ उसकी बहादुरी की प्रशंसा करने लगीं।

भूरी की कहानी जंगल में फैल गई, और उसे ‘जंगल की रानी’ के रूप में जाना जाने लगा। उसकी बहादुरी ने न केवल उसकी साथी बकरी की मौत का बदला लिया, बल्कि सभी बकरियों को एक सुरक्षित जीवन प्रदान किया। भूरी की कहानी आज भी जंगल में बहादुरी और साहस के रूप में सुनाई जाती है।

कहानी से सीख:

भूरी की कहानी हमें यह सिखाती है कि साहस और दृढ़ संकल्प हमें किसी भी चुनौती का सामना करने की शक्ति प्रदान करते हैं। भूरी ने न केवल अपनी साथी की मौत का बदला लिया बल्कि अपने साहस के बल पर पूरे जंगल में एक नई आशा की किरण भी जगाई। यह कहानी हमें यह भी सिखाती है कि खतरों का सामना करने के लिए आगे बढ़ना और उनसे लड़ना ही एकमात्र रास्ता है, भले ही इसके लिए हमें अकेले ही क्यों न लड़ना पड़े। भूरी की बहादुरी और संघर्ष ने उसे और उसके समुदाय को एक सुरक्षित जीवन प्रदान किया, जो यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत साहस और प्रयास से पूरे समाज को लाभ हो सकता है।

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